जीवन वृत्त

नाम– आस्था अर्पण जन्म- 09-08-1989 ई० माता- गीता पान्डेय पिता- इन्द्र प्रकाश पान्डेय पति- सच्चिदानन्द द्विवेदी पता- कान्दीपुर (खिलाड़ी सैय्यद मोदी, जन्मस्थल के बगल में) पो० कटघर मूसा जि० अम्बेडकर नगर उ. प्र. सम्प्रति– शिक्षिका(गृहविज्ञान)राम मू०मि० स्मारक महाविद्यालय आमा दरवेशपुर जिला–अम्बेडकर नगर उ०प्र०...

कोई नहीं होता ़़़

–  कविता – कोई नही होता, दिल के करीब, जब, पैसा नही होता, चार दिन रखने पर, भूखा मजनू भी, लैला को भूल, रोटी रोटी जपता है, और, अरब के सहरा में, ढूंढता है, भूखमरी का हल, फिर, करता पहल, सोचता है, सुन्दर तन में, बैठी है, सुन्दर आत्मा।...

हो गया जो दिल दिवाना ़़़

– ग़ज़ल – हो गया जो दिल दिवाना क्या करुँगी बिन तेरे मौसम सुहाना क्या करुँगी जब इशारों में ही बातें हो गई हैं पढ़ के अब रंगीं फसाना क्या करुँगी अनगिनत सपने सजाये बांकपन ने अब अगर रूठे ज़माना क्या करुँगी तू अगर माने न माने याद है  सब वो तेरा आँखें चुराना क्या करुँगी खुद पे मुझको है भरोसा देख लेना धड़कनों के साथ गाना क्या करुँगी पूछती हैं ये बहारें ये फेज़ाएं थक गई करके बहाना क्या करुँगी आस्था की लेखनी सर चढ़ के बोले झूट की ताली बजाना क्या करुँगी...