जीवन वृत्त

नाम – स्व० अब्दुल रशीद ‘जुगनू‘ पिता – स्व० बरकत खान माता – स्वर्गीया खदीजा खातून जन्म तिथि – 19 जुलाई 1938 मृत्यु – 2006 शिक्षा – स्नातक व्यवसाय – अध्यापक–एस०एन० इन्टर कालेज, इन्दईपुर प्रिय साहित्यकार – ब्रजेन्द्र अवस्थी, जिगर मुरादाबादी, हास्य कवि टोपा जी, हफीज मेरठी इत्यादि। सोच – समाज में नई जागृति लाना। रचनाएं – खुश्बू का सफर आदि। पता – ग्राम–इन्दईपुर, पोस्ट–इन्दईपुर बसखारी, जिला–अम्बेडकर नगर (उ०प्र०)...

पुलिस चमड़े का ़़़

– व्यंग कविता – पुलिस चमड़े का सिक्का चलाय रही है और फर्जी इन्काउन्टर देखाय रही है बेगुनाहों को खूब सताय रही है तथा गुन्डों से दामन बचाय रही है शायरी जुगनू की आँसू बहाय रही है शायरी जुगनू की —– नौकर शाही रिश्वत में नहाय रही है इमदाद की वह सारी रकम खाय रही है काग़ज़ी घोड़ा खुश्की में दौड़ाय रही है और जनता को अंगूठा दिखाय रही है शायरी जुगनू की —– झिल्ली सुरा की शोर मचाय रही है मस्ती मांझी की नइया डुबाय रही है गुन्डई गंगू की रंग जमाय रही है इन्सानियत बेचारी लुकाय रही है शायरी जुगनू की —–...

फसाद की कड़ी है ़़़

– व्यंग – फसाद की कड़ी है जादू की छड़ी है घोटालों की जड़ी है अंखियाँ तवायफ से लड़ी हैं नेता बदबू देता, नेता बदबू देता नेता बदबू देता —– टेम्पो इसका हाई है तगड़ी इसकी कमाई है हिस्से में मलाई है इबलीस का भाई है नेता बदबू देता, नेता बदबू देता नेता बदबू देता —– झूठ फरेब का मिक्चर है धोखाधड़ी का पैकर है इसका हसीन लेक्चर है जेब में दारू टिन्चर है नेता बदबू देता, नेता बदबू देता नेता बदबू देता —–...