तआरुफ ⁄ परिचय

नाम – असग़र हुसैन गोण्डवी पिता का नाम – तफज्जुल हुसैन तखल्लुस – असग़र गोण्डवी शिक्षा – 8 वीं पास जन्म – सन् 1884, गोण्डा (उ०प्र०) मृत्यु – सन् 1936...

एक आलमे हैरत ़़़

– ग़ज़ल – एक आलमे हैरत है फ़ना है ना बक़ा है हैरत भी ये है कि क्या जानिये क्या है सौ बार जला है तो ये सौ बार बना है हम सोख्ता जानों का नशेमन भी बला है होंटों पे तबस्सुम है कि एक बर्के–बला है आँखों का इशारा है कि सैलाबे फ़ना है सुनता हूँ बड़े ग़ौर से अफ़सानए हस्ती कुछ ख्वाब है कुछ अस्ल है कुछ फर्जे अदा है है तेरे तसव्वुर से यहाँ नूर की बारिश ये जाने–हज़ीं है कि शबिस्ताने हिरा है...

ये राज़ है मेरी ़़़

– ग़ज़ल – ये राज़ है मेरी ज़िन्दगी का पहने हुए हूँ कह़न खुदी का फिर नश्तरे ग़म से छेदते हैं एक तर्ज है ये भी दिलदही का ओ लफृजो बयाँ में छुपाने वाले अब क़स्द है और खामोशी का मरना तो है इब्तदा की एक बात जीना है कमाल मुन्तही का हैं सीना गुलों की तरह कर चाक दे मर के सबूत ज़िन्दगी का...

खुदा जाने कहाँ है ़़़

– ग़ज़ल – खुदा जाने कहाँ है असगरे दीवाना बरसों से कि उसको ढँढते हैं काबा वो बुतखाना बरसों से तड़पना है न जलाना है न जलाकर खाक होना है ये क्यों सोई हुई है फितरते परवाना बरसों से कोई ऐसा नहीं या रब कि जो इस दर्द को समझे नहीं मालूम क्यों खामोश है दीवाना बरसों से हसीनों पर न रंग आया न फूलों में बहार आई नहीं आया जो लब पर नग़मए–मस्ताना बरसों से...