– गजल –
मुश्किलों में सम्हलना होगा
गमों से भी निकलना होगा
शौहरतें इतनी आसान कहां
खारों के रास्ते चलना होगा
मछलियां मर रहीं हैं देखिये
अब तो पानी बदलना होगा
मुहब्बत की है तो याद रखो
ताउम्र तुम्हैं अब जलना होगा
शायरी में भी सुनो अमित
टूटना होगा बिखरना होगा
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