by Nazar | Sep 29, 2015 | Kamaluddin Kamal
– तआरुफ – नाम– कमालुद्दीन कमाल जन्म स्थान– पिपरापुर, गोरखपुर (उ०प्र०) 273001 रुचि – गज़लकार मो०नं०– 9695148513...
by Nazar | Aug 8, 2015 | Kamaluddin Kamal
– ग़ज़ल – किसी की याद मेरे दिल से जा नहीं सकती मेरे चिराग़ को आँधी बुझा नहीं सकती कुछ इस बला की कशिश है कि चश्मे नज्ज़ारा जमाले यार से नज़रे चुरा नहीं सकती नहीं यक़ीन तो टकरा के देख लें मौजें हमारी कश्तिये दिल डगमगा नहीं सकती संभाला है मेरे दिल ने जिसे मुहब्बत में वो बारे ग़म कभी दुनिया उठा नहीं सकती बला से क्यों न करें एतराफ़ उलफ़त का मगर निगाहे मुहब्बत छुपा नहीं सकती कमाल ऐसी मुहब्बत को दूर ही से सलाम जो मेरा साथ शबे ग़म निभा नहीं सकती...
by Nazar | Aug 8, 2015 | Kamaluddin Kamal
– ग़ज़ल – हम तेरी मुहब्बत की खातिर दुनिया को भुलाए बैठे हैं जो दिल में हमेशा जलती रहे वो शम्मा जलाए बैठे हैं जो पलकों पे जगमग करते हैं वो क़तरे नहीं हैं अश्कों के एक वादा शिकन की याद में हम कुछ फूल खिलाए बैठे हैं अब सब्रो–सुकूँ की तलखी से क्या फायदा है ए हमदरदो हम प्यार में एक हसीना के सब कुछ तो लुटाए बैठे हैं लिल्लाह इधर भी जाम बढ़ा पैहम न सही एक बार सही ऐ साक़ी तेर मैखाने में हम देर से आये बैठे हैं जब प्यार की बाते होती हैं हो जाते हो तुम क्यों चुप चुप से है बात कमाल ऐसी ही कोई जो आप छुपाए बैठे हैं...