by Nazar | Nov 4, 2015 | Niyaz Azmi
नाम – न्याज़ अहमद कलमी नाम – न्याज़ आज़मी जन्मतिथि – 10 मार्च 1961 जन्म स्थान – मधुबन बाजार, जिला आज़मगढ़ (उ.प्र.) शौक़ – शायरी करना पेशा – होम्योपैथिक डाक्टर पता – कोल्हुई बाजार, जिला महराजगंज (उ.प्र.) Mob- 8052254377...
by Nazar | Aug 8, 2015 | Niyaz Azmi
– ग़ज़ल – जाने कैसा खुमार रहता है दिल मेरा बेक़रार रहता है जिन्दगी अपने ढंग से जीता हूँ दिल पे कब अख्तियार रहता है साथ साया भी छोड़ देता है कौन गर्दिश में यार रहता है जिसको मैं फूल समझ लेता हूँ आगे चल कर वो खार रहता है कल निकाला था जिसको पस्ती से मेरे सर पर सवार रहता है लाख बचता फिरुँ मगर ऐ न्याज़ दिल ग़मों का शिकार रहता है...
by Nazar | Aug 8, 2015 | Niyaz Azmi
– ग़ज़ल – अम्न की जब हम जोत जगाने लगते हैं अम्न के दुश्मन शोर मचाने लगते हैं अम्न का जब तामीर नशेमन होता है ज़ुल्म के बादल बम बरसाने लगते हैं बाज़ आओ शाख़ों से कलियां मत तोड़ो फूल से ही गुलज़ार सुहाने लगते हैं तस्वीर जला के बाप की बेटा ये बोला घर में ये आसार पुराने लगते हैं देर नहीं लगती है इज़्ज़त जाने में इसे बनाते बड़े ज़माने लगते हैं देख के मेरे दुश्मन मेरी खुशियों को दीवारों से सर टकराने लगते हैं वक़्त हमें ले आया देखो कहाँ न्याज़ अपने जितने थे बेगाने लगते हैं...
by Nazar | Aug 8, 2015 | Niyaz Azmi
– ग़ज़ल – एहसास न मर जाये कहीं क़ल्बो जिगर में है रूह भी दरकार बहुत इल्मो हुनर में बे खौफो ख़तर होके निकलना नहीं अच्छा शीशे का बदन लेके चटानों के नगर में एक पल में बदल देती है इन्सान की नीयत तासीर हुआ करती है कुछ ऐसी नज़र में पर्दे में ही हो सकती है अस्मत की हिफ़ाज़त बे पर्दा न लुट जाये कहीं राह गुज़र में आसान नहीं होती है ये राहे मुहब्बत रहज़न भी मिला करते हैं उल्फ़त की डगर में गुलशन में न्याज़ अपना क़दम रखना संभल के काँटे भी हुआ करते हैं फूलों के शजर में...