by Nazar | Oct 22, 2015 | Ram Narayan Taman
कवि गीत लिखो, अपने पन का श्रृंगार नहीं हो, हास्य नहीं हो जननी का, उपहास नहीं कभी ध्येय नहीं हो, हेय अपना हम देखें सदा, मंगल सपना कवि —– । उपकार में हो, सब कुछ अपना उल्टी न कभी, माला जपना हो वर्ण वर्ण में, ओज भरा नव राग हिलोरे यौवन का कवि —– । सत्कर्म पंथ, शुभ उज्जवल हो स्वदेश प्रेम गीत अविरल हो पुण्यार्थ चरण यह अविचल हो पर पीर हरण, मन संबल सा कवि —– । जो अन्धकार को चीर सके तूफानी रोक, समीर सके वह छन्द बन्द लिख रे टामन बन जाये कौतुक जीवन का कवि —– । ––– ...
by Nazar | Oct 22, 2015 | Ram Narayan Taman
नाम– राम नारायण टामन पिता– स्व० राम किशोर यादव माता– स्व० प्राणदेई यादव जन्म तिथि– 15–07–1935 शिक्षा– जूनियर हाई स्कूल व्यवसाय– कृषि प्रिय साहित्यकार– मैथिलीशरण गुप्त, आचार्य चतुरसेन, सुमित्रा नन्दन पन्त, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र इत्यादि। सोच– नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी बनाना। रचनाएं– टामन मंजरी इत्यादि। पता– ग्राम–गोझवा (हुसैनपुर–मुसलमान), पोस्ट–सहिजना हमजापुर, जिला– अम्बेडकर नगर (उ०प्र०)...