– गीत –
बाप से बेटा अलग है चन्द पैसों के लिये
सन्त के बाने में ठग है चन्द्र पैसों के लिये
बाप से बेटा अलग है —–
किसी की किस्मत फूटी जाये, किसी की अस्मत लूटी जाये
कहीं पर ममता का हो खून, इसी से लूट हुई है दून,
कोर्ट में चलते झूठे केस, पुलिस लूटते बदल कर भेष,
फंस गया सारा ही जग है
बाप से बेटा अलग है —–
गलत लोगों का होता मान, टूटते रिश्तों का ईमान,
बचाते गुनहगार को लोग, पहन कर न्याय कर्म का चोंग,
मरे मानुष की लेते फीस, डाक्टर बने हुए दस शीश
नग्नता ही रोम रग है
बाप से बेटा अलग है —–
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