कवि सम्मेलन

सच कहता हूँ सच ही कहने से कितनों से बिगाड़ हो गया
आज काल्ह कवि सम्मेलन भी नौटंकी और भांड हो गया
आज काल्ह कवि सम्मेलन भी नौटंकी और —

स्वर स्वरूप की पूजा होती
कांच कौन पहचाने मोती
श्रोता पलई मार रहा है
मानों छुटहर साँड़ हो गया
आज काल्ह कवि सम्मेलन भी नौटंकी और —

अलंकार रस छन्दादिक अब
नयी विधा में हैं बाधित सब
संचालक भी बना विदूषक
कहता तिल का ताड़ हो गया
आज काल्ह कवि सम्मेलन भी नौटंकी और —

पैसे पर हम नाच रहे हैं
गैर की कविता बाँच रहे हैं
मंचों पर जम जाते ऐसे
जैसे चोटा खांड हो गया
आज काल्ह कवि सम्मेलन भी नौटंकी और —

‘विकल‘ अकल से काम लीजिये
मंचों पर तब नाम दीजिये
जान लीजिये जबकि अपना
कोई सही जुगाड़ हो गया
आज काल्ह कवि सम्मेलन भी नौटंकी और —

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