मैं अकेला नहीं हूँ 

व्याकुल, व्यवस्था,
के विकृत स्वरूप से।
विह्वल व्यथित,
मैं अकेला नहीं हूँ।।

और भी मन हैं,
विद्रोह की तैयारी में।
क्रोधित आक्रोशित,
मैं अकेला नहीं हूँ।।

गर परिवर्तन का वादा,
पूरा नहीं हुआ महोदय।
तो उखाड़ फेंके जाओगे,
क्योंकि;
मैं अकेला नहीं हूँ।।

ये बच्चे वच्चे की चिंता,
आप जनता पर छोड़ो।
अच्छे दिन के लिए प्रयास करो।
वर्ना दफनानें की तैयारी में;
मैं अकेला नहीं हूँ।।

जिसनें भी जनता के सपनों,
से खिलवाड़ किया है।
निश्चित ही उनको,
मिटा दिया गया है।
इसके गवाह बहुत से हैं;
मैं अकेला नहीं हूँ।।

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