– कविता –
कोई नही होता,
दिल के करीब,
जब,
पैसा नही होता,
चार दिन रखने पर,
भूखा मजनू भी,
लैला को भूल,
रोटी रोटी जपता है,
और,
अरब के सहरा में,
ढूंढता है,
भूखमरी का हल,
फिर,
करता पहल,
सोचता है,
सुन्दर तन में,
बैठी है,
सुन्दर आत्मा।
–––
– कविता –
कोई नही होता,
दिल के करीब,
जब,
पैसा नही होता,
चार दिन रखने पर,
भूखा मजनू भी,
लैला को भूल,
रोटी रोटी जपता है,
और,
अरब के सहरा में,
ढूंढता है,
भूखमरी का हल,
फिर,
करता पहल,
सोचता है,
सुन्दर तन में,
बैठी है,
सुन्दर आत्मा।
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