– प्रधान चरित्र –

हमरे गउवाँ कै पढ़ा लिखा
सज्जन इन्सान कहावै लैं
अबकी चुनाव में जीति गयन
एनहू परधान कहावै लैं
एनहू परधान कहावै लैं —–

गउवाँ में घूमै सुबह शाम
झाँकै घुमि घुमि सबकै पड़ोह
केकरे घर में बा काव होत
लै लेबै सबकै पता टोह
चुगुली कइले में मजल खूब
ई गाँवां भर के जाहिर है
मेहरी भतार कइसे लड़ि हैं
यह कमवा में ई माहिर हैं
लबडत्री दहिनी कुछ झूठ फूस
एक जन के आय पढ़ावै लैं
एनहू परधान कहावै लैं —–

मोरि इन्द्रा मइया अमर रहैं
जे पुरखन कै यादगार किहिन
दुख टरै भले न जनता कै
परधानन कै दुख टारि दिहिन
बेचवाय के लरिकन कै गेहूँ
लै लेय वजीफा लरिकन कै
बैंके पर करै दलाली नित
पेंशन लै ले सब विधवन कै
थाने पर इनकै पहुँच बाय
सबकै रिपोर्ट लिखवावै लैं
एनहू परधान कहावै लैं —–

केहु चाय सोपारी देय अगर
तौ साथे ओकरे रहै रोज
घरवा में चाहै आगि लगै
मेहरी लरिका कै नहीं खोज
भुईं जेतनी खाली गउवाँ में
दिन रात लगाये ओहपर घात
सिकरेटरी जोड़ुवां भाई हैं
लेखपाल हयन सग नातबात
गउवाँ में जेतना जी०एस० बा
कौशल पट्टा करवावै लैं
एनहू परधान कहावै लैं —–
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