
नामः– नीलकमल गुप्त विक्षिप्त
पिता का नामः– श्री
जन्म– 1954
जन्म स्थानः– धर्मशाला बाजार, गोरखपुर (उ०प्र०)
शिक्षाः– एम०ए०, एल०एल०बी०, कविताचार्य
लालसा– कविता पाठ के अतिरिक्त अध्यात्म की ओर अग्रसर, मानवता के कल्याण के लिये सतत परिश्रम एवं प्रत्येक माह की पूर्णिमा को काव्य गोष्ठी का आयोजन।
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