– गीत –
इहवाँ मोरि आँखि ओनाये न पावै
मथवा पर रोरी लगाये तो हैं
सिमवां पर लाल पठावत बानी
लजिया देसवा के बचइबा तुहीं
तोंहसे इहै आस लगावत बानी —–(1)
करगिल फतह कइ के अइबा
इहवो बिधना से मनावत बानी
अब देस अ देस के आन बदे
जिनगी तोर दाँव चढ़ावत बानी —–(2)
सन पैंसठ से सरहद पे लला
मोरे मांगी के लाली हेराइल बानी
बिन्दिया छटकल मथवा के ओहीं
अबले ऊ न आगि बुताइल बानी —–(3)
लजिया दुधवा के मोरे बचवा
अब तो तोरे कान्हे पे आइल बानी
सरिया फेरु आज दुसासन के
हथवा से हे लाल खिंचाइल बानी —–(4)
मोरे राखी के लाजि सुना बिरना
संघरी देसवा के जोराइल बानी
मन में जवना किछु साधि रहल
एही देस पे ऊहो ओनाइल बानी —–(5)
घुसपइठि भइल एतनै सुनि के
सच दादी बहुत खरुआइल बानी
कबले बदला ललवा के चुकी
ऊ त एही बदे अकुलाइल बानी —–(6)
हमरो ई हुमासि हवै पियवा
लजिया सेनुरा के लजाये न पावै
गोली लगै छतिया पे भलै
पिठिया पर एगो छुआए न पावै —–(7)
गंउंवां भर के बिसवास जवन
पियवा तनिको ऊ ओराये न पावै
होइ जइहा सहीद भले उहंवां
इहवां मोरि आँखि ओनाये न पावै —–(8)
तूं त लाजि हवा देसवा के पिया
सरहद के हवा तोंहईं रखवारा
चमकै ला तुहीं मंगिया में मोरी
धरती क हवा तूं त चान सितारा —–(9)
मोरी अइया के आँखी के जोति हवा
बिनु तोरे बुझ ाला ओन्हैं अन्हिंयारा
हमराज़ चेतावैं तबो तोंहके
करगील हवै तोहहूँ से पियारा —–(10)
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