नेता जी देने लगे, सबको रोटी दाल।
भाषण में होने लगा, हर गरीब खुशहाल।।
हर गरीब खुशहाल, मिलेगा बिजली पानी।
मालामाल समाज, सभी बालक भी ज्ञानी।।
कहत मदन कविराय, कौन है देता लेता।
देखो फिर से झूठ, कह रहा कोई नेता।।