– ग़ज़ल –
जो मुहब्बत से दी नहीं जाती
वह तबीयत से पी नहीं जाती
एक ही घूँट हो मुहब्बत से
उम्र भर बेखुदी नहीं जाती
प्यार दुनिया में बाँटते रहिये
दिल में यह शै रखी नहीं जाती
दिल तो कहता है और थोड़ी सी
इतनी पी है कि पी नहीं जाती
कुछ तो आदाबे गुफ़तगू सीखो
इस तरह बात की नहीं जाती
बस उसी से कि जिससे कहना है
दिल की हालत कही नहीं जाती
जाने वाला तो जा चुका सालिक
एक उसकी कमी नहीं जाती
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