– गीत –

तुम दूर रहे, या पास रहे,
तुम प्रेम का एक, एहसास रहे,
इस बहती जीवनधारा में,
तुम जीने की बस आस रहे,
तुम सहरा में जल का आभास,
तुम सागर में भी बढ़ती प्यास,
मैं तेरे दम से जिन्दा हूँ,
तुम धड़कन हो तुम मेरी साँस,
इस सूखी प्यासी धरती पर,
तुम तो रिमझिम बरसात रहे,
तुम दूर रहे, तुम पास रहे ….
तुम चाँद की शीतल छाया हो,
तुम प्रेम की तपती काया हो,
यूँ बाँध लिया मन को मेरे,
तुम प्रकृति की कोई माया हो,
जिन क्षणों में मेरे साथ रहे,
वो पल मेरे मधुमास रहे,
तुम दूर रहे, तुम पास रहे …….
तुम सावन की रिमझिम रतिया,
तुम फागुन के हो रंग रसिया,
कहती हूँ मन से यही बतिया
तुम मन में बसे हो मन बसिया,
जब तुमको पुकारा है मैंने,
तुम हर पल मेरे साथ रहे,
तुम दूर रहे, तुम पास रहे ……
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