गज़ल
दिलबरो आओ मुझसे प्यार करो
मेरे दिल को भी बेकरार करो
रंग आँखों से लो गुलों से महक
यूँ मुहब्बत को लालाजार करो
आज की रात अपने अश्कों से
मेरे दिल को न दागदार करो
शेर अच्छे अगर नहीं होते
अपनी आँखों को अश्कबार करो
नेकियां काम आती रहती हैं
नेकियां दोस्त बार बार करो
मालो जर की नुमाइशें करके
मत गरीबों को शर्मसार करो
जब नजर तुमपे जान देता है
तुम उसी पर अब एतबार करो
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