– गीत –
धरती का है स्वर्ग जहाँ, आपस में भाई चारा
भारत का दिल जिसको कहते वह है गाँव हमारा
भारत का दिल जिसको —–
सभी धर्म के लोग जहाँ आपस में मिल के रहते
मिट्टी को ही सोना समझें खेतों में मन बहके
शादी ब्याह में एक जुटता का चलता जंह भण्डारा
भारत का दिल जिसको —–
होली का त्योहार हो चाहे ईद मिलन का नाता
दीवाली हो चाहे मुहर्रम सुख दुख में सब भ्राता
संकट में एक दूजे को देते हैं जहाँ सहारा
भारत का दिल जिसको —–
साम्प्रदायिक सद्भाव जहाँ है प्रेम का बहता दोना
प्रकृति की है छटा निराली विहंसे हर एक कोना
गाय भैंस हैं जहाँ विचरते दूध की बहती धारा
भारत का दिल जिसको —–
अमराई में कोयल कूके खेत में नाचे मोर
प्रेम की जलती दीया बाती जहाँ न होता शोर
एकजेहती का रूप सफ़र है अम्न आँख का तारा
भारत का दिल जिसको —–
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