मेरे बाप

हे मेरे परम पूजनीय बाप
आखिर कब मरेंगे आप
यदि आप अभी मर जाते
बेटे पर उपकार कर जाते
रिटायर होने के बाद आप
बीस वर्षों से लगातार जी रहे हैं
रोजाना एक किलो दूध पी रहे हैं
सरकारी दूकान का सारा राशन आप ही खा रहे हैं
हम तो महाभारत की लड़ाई में जूझ रहे हैं
आप रामायण गा रहे हैं
हम उधारी के लिये दर–दर दाँत दिखा रहे हैं
आप बैठे–बैठे नकली दाँत बजा रहे हैं
बेवजह, बे मतलब शारे कर रहे हैं
हम लोगों को क्यों बोर कर रहे हैं
मेरे ऊपर घर के बारह सदस्यों का भार है
ऊपर से आप का भूत सवार है
और तो और लकड़ी भी बाजार से गायब हो गई
कफन का दाम रोजाना बढ़ रहा है
कर्ज का बोझ बार–बार चढ़ रहा है
यदि साल दो साल आप और रह जायेंगे
सच मानिये हम मर जायेंगे
आप के साथी संघाती कभी के चले गये
मगर आप खार खाए बैठे हैं
हमें मालूम है
आप के चमचे यमराज के
कार्यालय में बैठे हैं
कुछ दे दिलाकर आप ने अपनी फाइल गायब कराई है
जीने के लिये कैसी बेहयाई है
हे मेरे बच्चों के दादा
सपरिवार प्रार्थना करता हूँ
हाथ जोड़ता हूँ पाँव पड़ता हूँ
हम सब पर कृपा करें आप
शीघ्र से शीघ्र मरें आप
हे मेरे बाप ।
–––