तुम ग़रीबों को अपना ़़़

–ग़ज़ल– आज जिन्दगी अपनी उलझनों मे कटती है रात भर ये तनहाई सॉप बनके डसती है कौन सुनने वाला है गम की दास्तॉ अपनी आजकल जमाने में आप ही कि चलती है कोई तो बता दे ये है कहॉ मेरा हमदम बार बार मिलने की आरजू मचलती है मैं तो उस पे हर लम्हा जॉनिसार करता था फिर वो बेवफा ऐसी रास्ता बदलती है दफ्न करके जब मैयत मेरी जा चुके घायल तब वो कब्र पे मेरी आके हाथ मलती है...

आज जि़न्दगी अपनी ़़़

– ग़ज़ल – आज जिन्दगी अपनी उलझनों मे कटती है रात भर ये तनहाई सॉप बनके डसती है कौन सुनने वाला है गम की दास्तॉ अपनी आजकल जमाने में आप ही की चलती है कोई तो बता दे ये है कहॉ मेरा हमदम बार बार मिलने की आरजू मचलती है मैं तो उस पे हर लम्हा जॉनिसार करता था फिर वो बेवफा ऐसी रास्ता बदलती है दफ्न करके जब मैयत मेरी जा चुके घायल तब वो कब्र पे मेरी आके हाथ मलती है...

जिस जुबां पे न हो ़़़

– गजल – जिस जुबां पे न हो जिक्र तेरा सनम उस जुबां में लहू आदमी का नही प्यार की तेरे जिस दिल में खुशबू न हो दिल वो पत्थर है पत्थर महकता नही बज्मे शादाब से उठके तुम क्या गये कोई पायल वहॉ आज बजती नही साथ छूटा तेरा तो गजब हो गया कोई साया मेरे हक में साया नही दिल को मेरे न इतना उछाला करो दिल है प्यारे ये कोई खिलौना नही चॉद तारे मुझे खुशनुमा क्यूं लगें सामने जब मेरे तेरा चेहरा  नही लग्जिशों पे न आ अपने घायल के तूं तेरा घायल है इंसा फरिश्ता  नही...

तआरुफ ⁄ परिचय

नाम-         मु0 अब्दुल अज़ीज़ जौहर कलमी नाम-   जौहर मगहरी पिता-         मुंशी रियासत अली जन्म-       01 जुलाई 1920 स्थान-       मगहर, जिला सन्त कबीर नगर (उ.प्र.) शौक़-         शायरी तख़लीक़-      कुलियाते जौहर मगहरी पेशा-         सरकारी नौकरी (रेलवे) वफ़ात-       24 जुलाई 1987 – एक शेर – मेरी हर वफ़ा के बदले हुए मुझपे ज़ुल्म क्या क्या मेरे दिल में है अभी  तक  वही  तेरी चाह ज़ालिम...

तआरुफ ⁄ परिचय

नाम –           इस्लाम सालिक जन्म –           15 नवम्बर 1947, फैजाबाद (उ०प्र०) शिक्ष्ा –          बी०ए०, एल०एल०बी० प्रकाशित पुस्तक –    बरफीली धूप (माण्डवी प्रकाशन गाजियाबाद) पता –            मिर्जापुर, मुमताज़ नगर, जिला– फैज़ाबाद(उ०प्र०) पिन – 224001 मोबाइल नं०            9305261266...

जीवन वृत्त

नाम– दान बहादुर सिंह साहित्यिक नाम– सूँड़ फैजाबादी जन्म– 01 अगस्त 1928 जन्म स्थान– अलऊपुर, जिला–फैजाबाद (उ०प्र०)(अब अम्बेडकर नगर) पिता– श्री रामकरन सिंह शिक्षा– हाई स्कूल – श्याम सुन्दर सरस्वती विद्‍यालय, फैजाबाद इन्टरमीडिएट – शिबली नेशनल कालेज, आजमगढ़ बी०ए० तथा एम०ए० – आगरा विश्वविद्‍यालय कार्य– 1947 से एस०के०पी० इन्टर कालेज, आजमगढ़ (उ०प्र०) कविता का आरम्भ– कक्षा 9 से, हिन्दी अध्यापक पं० बलभद्र द्विवेदी की प्रेरणा से हास्यरस की ओर झुकाव। काव्य गुरु– कविवर विश्वनाथ लाल शैदा एडवोकेट, आजमगढ़। रचनाएं– (1) मियां की दौड़ (1949) (2) फुंकार (1951) (3) अंग्रेजी गीतों का हिन्दी रूपान्तर (1953) (4) लपेट (1956) (5) चपेट (1971)...