by Nazar | Nov 1, 2015 | M. K. Rahi
नाम- मुहम्मद कलमी नाम- एम॰कोठियावी राही पैदाइश- 1935, कौरियापार, आज़मगढ़ (मौजूदा मऊनाथ भंजन) वतन – गोरखपुर (उ0प्र0) वफ़ात – 21 सितम्बर 2005 तख़लीक़- ग़ज़ल, नज़्म, क़ता, अफ़साना, ड्रामा आदि। खुदा करे कि सितारों को भी ज़बान मिले कि गुफ्तगू कि लिये कोई मेह्रबान मिले दिया मिला न सदाएं न ज़िन्दगी राही तुम्हारे शह्र में ऐसे भी कुछ मकान मिले...
by Nazar | Oct 23, 2015 | Yaseen Ghayal
नाम– मुहम्मद यासीन तखल्लुस – यासीन घायल आरिबपुरी जन्म – 25–02–1930 पता – ग्राम व पो. आरिबपुर हँसवर जि.अम्बेडकर नगर उ०प्र० पेशा – पूर्व शिक्षक (मजाहरे हक हीरापुर मुण्डेरा अम्बेडकर नगर)...
by Nazar | Oct 23, 2015 | Yaseen Ghayal
–ग़ज़ल– आज जिन्दगी अपनी उलझनों मे कटती है रात भर ये तनहाई सॉप बनके डसती है कौन सुनने वाला है गम की दास्तॉ अपनी आजकल जमाने में आप ही कि चलती है कोई तो बता दे ये है कहॉ मेरा हमदम बार बार मिलने की आरजू मचलती है मैं तो उस पे हर लम्हा जॉनिसार करता था फिर वो बेवफा ऐसी रास्ता बदलती है दफ्न करके जब मैयत मेरी जा चुके घायल तब वो कब्र पे मेरी आके हाथ मलती है...
by Nazar | Oct 23, 2015 | Yaseen Ghayal
– ग़ज़ल – आज जिन्दगी अपनी उलझनों मे कटती है रात भर ये तनहाई सॉप बनके डसती है कौन सुनने वाला है गम की दास्तॉ अपनी आजकल जमाने में आप ही की चलती है कोई तो बता दे ये है कहॉ मेरा हमदम बार बार मिलने की आरजू मचलती है मैं तो उस पे हर लम्हा जॉनिसार करता था फिर वो बेवफा ऐसी रास्ता बदलती है दफ्न करके जब मैयत मेरी जा चुके घायल तब वो कब्र पे मेरी आके हाथ मलती है...
by Nazar | Oct 23, 2015 | Yaseen Ghayal
– गजल – जिस जुबां पे न हो जिक्र तेरा सनम उस जुबां में लहू आदमी का नही प्यार की तेरे जिस दिल में खुशबू न हो दिल वो पत्थर है पत्थर महकता नही बज्मे शादाब से उठके तुम क्या गये कोई पायल वहॉ आज बजती नही साथ छूटा तेरा तो गजब हो गया कोई साया मेरे हक में साया नही दिल को मेरे न इतना उछाला करो दिल है प्यारे ये कोई खिलौना नही चॉद तारे मुझे खुशनुमा क्यूं लगें सामने जब मेरे तेरा चेहरा नही लग्जिशों पे न आ अपने घायल के तूं तेरा घायल है इंसा फरिश्ता नही...