by Nazar | Oct 22, 2015 | Asha Singh
नाम– आशा सिंह जन्म- 19 जुलाई 1969 ई० ग्राम-ओझौली सठियॉव जि० आजमगढ (उ०प्र०) कार्य- शिक्षिका प्रा० वि० पता- निकट-सूरज टाकीज आजमगढ...
by Nazar | Oct 22, 2015 | Ram Narayan Taman
कवि गीत लिखो, अपने पन का श्रृंगार नहीं हो, हास्य नहीं हो जननी का, उपहास नहीं कभी ध्येय नहीं हो, हेय अपना हम देखें सदा, मंगल सपना कवि —– । उपकार में हो, सब कुछ अपना उल्टी न कभी, माला जपना हो वर्ण वर्ण में, ओज भरा नव राग हिलोरे यौवन का कवि —– । सत्कर्म पंथ, शुभ उज्जवल हो स्वदेश प्रेम गीत अविरल हो पुण्यार्थ चरण यह अविचल हो पर पीर हरण, मन संबल सा कवि —– । जो अन्धकार को चीर सके तूफानी रोक, समीर सके वह छन्द बन्द लिख रे टामन बन जाये कौतुक जीवन का कवि —– । ––– ...
by Nazar | Oct 22, 2015 | Ram Narayan Taman
नाम– राम नारायण टामन पिता– स्व० राम किशोर यादव माता– स्व० प्राणदेई यादव जन्म तिथि– 15–07–1935 शिक्षा– जूनियर हाई स्कूल व्यवसाय– कृषि प्रिय साहित्यकार– मैथिलीशरण गुप्त, आचार्य चतुरसेन, सुमित्रा नन्दन पन्त, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र इत्यादि। सोच– नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी बनाना। रचनाएं– टामन मंजरी इत्यादि। पता– ग्राम–गोझवा (हुसैनपुर–मुसलमान), पोस्ट–सहिजना हमजापुर, जिला– अम्बेडकर नगर (उ०प्र०)...
by Nazar | Oct 22, 2015 | Kaushal Mishra Vats
नाम – कौशल पति मिश्र साहित्यिक नाम – वत्स जन्म – 18 सितम्बर 1959 पिता – स्व० पं० श्रीनाथ मिश्र माता – स्व० श्यामा देवी पत्नी – श्रीमती आशा मिश्रा शिक्षा – बी०ए० (लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ) जीविका – कृषि कार्य शैली – कठिन परिश्रम, रचना धर्मिता पता – ग्राम–शिवतारा, मिश्र का पुरा, पोस्ट–शिवतारा जनपद– अम्बेडकर नगर, उ०प्र० मोबाइल सं० 07860279494...
by Nazar | Oct 18, 2015 | Johar Maghari
– ग़ज़ल – तेरी हर अदा सितमगर तेरी हर निगाह ज़ालिम तेरी शोखि़यों से कितने हुए घर तबाह ज़ालिम अगर अह्ले ग़म पे अब भी न हुई निगाह ज़ालिम किसी और से बढ़ा लें न वो रस्मो-राह ज़ालिम तेरी ख़ातिरन अदू से भी किया निबाह ज़ालिम न मिले गा कोई मुझसा तेरा ख़ैर ख़्वाह ज़ालिम मुझे ये न थी तवक्को कभी तुझसे आह ज़ालिम कि तू इस तरह करेगा मेरा दिल तबाह ज़ालिम तेरी बेरुख़ी के सदक़े मुझे भी तो कुछ ख़बर हो मेरी क्या ख़ता है मुझसे हुआ क्या गुनाह ज़ालिम मेरी हर वफ़ा के बदले हुए मुझपे ज़ुल्म क्या-क्या मेरे दिल में है अभी तक वही तेरी चाह ज़ालिम मेरी ज़ात से जब इतनी तुझे बदगुमानियां हैं कोई कैसे फिर मिटाए तेरा इश्तबाह ज़ालिम मेरी बस यही दुआ है कहीं तू भी दिल लगाए तुझे हो किसी से उल्फ़त करे तू भी आह ज़ालिम कभी ऐसा दिन भी आए तुझे हो अज़ी़ज जौहर कि है ज़ौ से जिसकी रौशन तेरी बारगाह ज़ालिम (1948, शायर– जौहर मगहरी)...